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Syria: इस मुस्लिम देश में मिला सैकड़ों साल पुराना मंदिर! पड़ोस की जमीन पर दिखे ये 'देवता'
 
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Roman era mosaic found in Syria: सीरिया में पुरातत्व विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली है. रिसर्चर्स की टीम ने यहां करीब 1600 साल पुरानी उस जगह की खोज की है जहां अनुमान लगाया जा रहा है कि वहां कभी एक मंदिर रहा होगा.

पुरातत्व और संग्रहालय विभाग की ओर से कराई गई खुदाई में सदियों पुराना ऐतिहासिक मोजेक निकला है. वैज्ञानिक इसे एक दुर्लभ खोज बता रहे हैं. ये मोजेक रोमन काल का बताया जा रहा है. इस बेहद खूबसूरत और अनोखी मोजैक की खासियत ये है कि इसकी फर्श 1600 साल बाद भी एकदम नई जैसी है. 

युद्ध प्रभावित सीरिया में सबसे दुर्लभ खोज

'बीबीसी' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबित यह मोजेक सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स के करीब रस्तन में मिली है. युद्ध प्रभावित सीरिया में एक दशक से जारी हमलों में यहां के कई पुरातात्विक खजाने क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

फिलहाल इस नायाब नमूने की बात करें तो इस मोजेक में कुछ प्राचीन लड़ाकों को भी दिखाया गया है. यह मोजैक करीब 120 स्क्वायर मीटर (यानी 1300 स्क्वायर फीट) में फैला है.

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(मोजैक फोटो क्रेडिट: रॉयटर्स)

मोजेक एक पुराने बिल्डिंग के अंदर दबा था. सीरिया में 11 साल पहले शुरू हुए युद्ध के बाद वहां की यह अब तक की सबसे खास खोज बताई जा रही है. इस मोजेक पर रोमन देवताओं का भी चित्रण है. ऐसे में अब अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां पर कभी मंदिर रहा होगा. और यहां रहने वाले लोग रोमन देवताओं की पूजा करते होंगे. यह प्रॉपर्टी करीब चौथी सदी की बताई जा रही है.

खुदाई का काम अभी बाकी: निदेशक

विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. ह्यूमन साद के मुताबिक इस मोजेक पर नेपच्यून, प्राचीन रोमन समुद्र के देवता और उनकी 40 संगिनियों का भी चित्रण है. डॉ. साद ने कहा, '

अब तक हम इस बात का पता नहीं लगा पाए हैं कि यह मोजेक किस तरह की इमारत पर बना है. खुदाई का काम अभी बाकी है ऐसे में आगे कुछ और दुर्लभ चीजें मिलने के साथ कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं.' 

खत्म हो रही ऐतिहासिक पहचान को बचाने की मुहिम

गौरतलब है कि एक दशक से ज्यादा की लड़ाई में यहां के लाखों मूल निवासी विस्थापित हो चुके हैं. 11 सालों में भुखमरी और बीमारियों से लाखों लोगों की मौत हो चुकी है.

लंबे समय से युद्ध और भूख की विभीषिका झेल रहे इस देश में हुई अबतक की लड़ाई और खूनी संघर्षों में देश की कई धरोहरों को या तो लूट कर बेच दिया गया या फिर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया था. अब बीते कुछ सालों से यहां की सरकार कुछ क्षेत्रों को बचाने और फिर से बसाने की कोशिश कर रही है.