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हिंदी न्यूज़ – Sri Lanka captain Dinesh Chandimal denies ball tampering after ICC charge. दिनेश चंदीमल ने गेंद से छेड़खानी मामले में खुद को बेकसूर बताया


श्रीलंका के कप्तान दिनेश चांदीमल ने मिठाई का इस्तेमाल करके गेंद से छेड़खानी के आरोपों को खारिज किया है. आईसीसी ने कहा कि उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के बाद सुनवाई का सामना करना पड़ेगा.

आईसीसी ने एक बयान में कहा ,‘श्रीलंका के कप्‍तान दिनेश चांदीमल आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.2.9 के उल्लंघन के दोषी नहीं है. मैच रैफरी जवागल श्रीनाथ मौजूदा टेस्ट के बाद मामले की सुनवाई करेंगे.’

इससे पहले आईसीसी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दौरान श्रीलंका के कप्तान दिनेश चंडीमल पर गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. आईसीसी ने रविवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर जारी पोस्ट में लिखा, ‘श्रीलंका के कप्तान चंडीमल को आईसीसी की आचार संहिता 2.2.9 स्तर के उल्लंघन का दोषी पाया गया है.’

आईसीसी के आचार संहिता का अनुच्छेद 2.2.9 टेस्ट मैच, वनडे और टी-20 के खेल की शर्तों के उपनियम 41.3 के उल्लंघन से संबंधित है. यह गेंद को पॉलिश करने के अलावा किसी भी उद्देश्य के लिए गेंद पर किसी भी तरह की कृत्रिम और गैर-कृत्रिम चीजों को लागू करने के उद्देश्य से गेंद को जानबूझकर जमीन पर फेंकने जैसे कार्यो पर प्रतिबंध लगाता है.

आईसीसी के अनुसार, मैदानी अंपायर अलीम डार और इयान गोल्ड ने मैच के दूसरे दिन गेंद की स्थिति पर अपनी चिंता जाहिर की थी. आईसीसी मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ ने मैच के तीसरे दिन सुबह वेस्टइंडीज को पांच रन अतिरिक्त दे दिए. श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने इसका विरोध करते हुए मैदान पर उतरने से इनकार कर दिया. ऐसे में मैच दो घंटे की देरी से शुरू हुआ.

इस बीच श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) अपने खिलाड़ियों के बचाव में उतर आया है. एसएलसी ने कहा है कि वह अपनी टीम के किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ लगे गलत आरोपों से उसका बचाव करेगा.

बोर्ड ने एक बयान में कहा, ‘टीम प्रबंधन ने हमें बताया है कि श्रीलंका टीम के खिलाड़ियों ने दूसरे टेस्ट मैच के दौरान कुछ भी गलत नहीं किया है. मैच के तीसरे दिन टीम ने अंपायरों द्वारा ‘गेंद की स्थिति बदलने’ का हवाला देते हुए एक निर्णय का विरोध किया.’

बोर्ड ने कहा, ‘एसएलसी खेल के कानूनों का पालन करने और खेल की भावना को कायम रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है. एसएलसी हर समय अपने क्रिकेटरों के आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.’





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