Featured Social

भारत ओपेक में तेल की कीमतें कम करने के लिए बनाएगा दवाब: धर्मेंद्र प्रधान | Dharmendra Pradhan says he will ask OPEC for ‘responsible’ crude oil pricing in Vienna

https://hindi.oneindia.com/img/2018/06/dharmedra1-1529333401.jpg


नई दिल्ली। विएना में अगले सप्ताह (22 जून) को ओपेक देशों की बैठक होने वाली है। भारत के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस बैठक में शामिल होने के लिए विएना जा रहे हैं। सोमवार को मीडिया से बात करते हुए प्रधान ने कहा कि, ‘बैठक के दौरान कच्चे तेल की बढ़ रही कीमतों को लेकर मैं अपनी बात रखूंगा। हमलोग अपनी स्थितियों के बारे में उन्हें अवगत करवाएंगे।’ सरकार इस संगठन से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें जिम्मेदारी से निर्धारित करने के लिए कहेगी।

Dharmendra Pradhan

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर प्रधान का कहना है कि सरकार पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स की कीमतों को आम आदमी की पहुंच में रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। जब भी हम ओपेक के सदस्यों से मिलते हैं, हम उन्हें क्रूड ऑइल की कीमतों को काबू मे करने और डिमांड के अनुसार कीमतें तय करने को कहते हैं। इस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी हम इस मुद्दे को उठाएंगे।’

कच्चे तेल की कीमतों में वैश्विक वृद्धि के कारण देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें 75 रुपये प्रति लीटर और 68 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई हैं। प्रधान ने कहा, ‘एक वक्त था जब ऑइल प्रड्यूस करने वाले देशों की भूमिका महत्वपूर्ण होती थी। हम क्रूड ऑइल की कीमत 25 डॉलर प्रति बैरल रखने की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसे 55-60 रुपये प्रति बैरल से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

इसके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर भी जोर दिया कि, अगर ओपेक देश तेल की कीमतों को ठीक तरीके से तय नहीं करते हैं तो हम इलैक्ट्रिक व्हीकल्स, बायो फ्यूल और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर अग्रसर होंगे। हम तेल की कीमतों को गरीबों की पहुंच से दूर नहीं रख सकते हैं। वर्तमान स्थिति में तेल की बढ़ती कीमत सरकार के लिए मुश्किल पैदा कर रही हैं।

वहीं पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के एक दावे कि पेट्रोल की कीमतों में 25 रुपये प्रति लीटर कटौती की जा सकती हैं। इस पर प्रधान ने कहा कि, ‘अगर चिदंबरम के पास कुछ नैतिकता बची है तो उन्हें देश के सामने सच बोलना चाहिए।’



Source link