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जजों के प्रमोशन के नियम हैं लेकिन CJI बदलने में आती है समस्या: जस्टिस गोगोई | Justice Ranjan Gogoi says problem lies in the change of Chief Justice of India

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस रंजन गोगोई ने शनिवार को भारत में चीफ जस्टिस को बदलने की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि समस्या भारत के मुख्य न्यायाधीश के परिवर्तन में है। भारतीय न्यायपालिका की एक कंसिस्टेंट पॉलिसी होनी चाहिए। दरअसल, इस साल अक्टूबर महीने में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में यह जस्टिस रंजन गोगोई का नाम सीजेआई की दौड़ में सबसे आगे चल रहा है।

Ranjan Gogoi

उन्होंने चीफ जस्टिस बदलने की प्रक्रिया में समस्या का सवाल उठाते हुए कहा, जब न्यायपालिका में न्यायाधीशों की पदोन्नति की बात आती है, तो हमारे पास कुछ मानदंड होते हैं। समस्या भारत के मुख्य न्यायाधीश के परिवर्तन में है। भारतीय न्यायपालिका की एक कंसिस्टेंट पॉलिसी होनी चाहिए।

जस्टिस गोगोई ने कहा कि, लंबित मामलों की बढ़ती संख्या पर बोलते हुए जस्टिस गोगोई ने कहा कि हमारा सिस्टम अभी बड़े संख्या में मामलों के निपटारे के लिए तैयार नहीं है। जस्टिस ने कहा कि मामलों को खत्म करने की जरूरत है।

हाल ही में जस्टिस गोगोई ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए ‘दो भारत’ के बीच भेद बताया था। उन्होंने कहा था कि एक भारत ऐसा है जो यह मानता है कि यह अपने आप में नया है, जबकि दूसरा ‘हास्यास्यपद रूप से तैयार की गई गरीबी रेखा’ के नीचे रहता हैष लेकिन दोनों संघर्ष की स्थिति में है। रंजन गोगोई उन चार वकीलों में से एक हैं जिन्होंने जनवरी माह में जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ के साथ मिलकर प्रेस कांफ्रेंस की थी।

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